कांग्रेस ने आज जब यह घोषणा की कि प्रियंका गांधी को पार्टी अहम ज़िम्मेदारी दी है, टेलीविज़न और सोशल मीडिया पर खबर ट्रेंड होने लगी| कांग्रेस पार्टी ने प्रियंका को पार्टी का महासचिव बनाया है और उन्हें पूर्वी उत्तर प्रदेश में कांग्रेस को दुरुस्त करने की ज़िम्मेदारी सौंपी है|
Many congratulations to Shri K C Venugopal, Smt. Priyanka Gandhi Vadra and Shri @JM_Scindia on their new appointments. We're fired up & ready to go! https://t.co/q7sMB8m6DO
— Congress (@INCIndia) January 23, 2019
लेकिन यह पहली बार नहीं है कि प्रियंका को कांग्रेस की नैया पार लगाने के लिए लाया गया है| इसके पहले भी वो 2004 और 2012 में कांग्रेस के लिए वोट मांग चूकी हैं| हाँ इस बार वो पार्टी की एक अहम पदाधिकारी के रूप में हैं और इसका इस्तेमाल अब वो सांगठनिक बदलाव के लिए भी कर सकती हैं|
इस घोषणा से ये बात भी निकल कर आ रही है कि क्या कांग्रेस फिर से परिवारवाद की और बढ़ रही है| कुछ भी हो, एक बात तो साफ़ है कि प्रियंका गांधी के उत्तर प्रदेश में तो फैन हैं ही, अब वो कितना वोट कांग्रेस के खाते में ला पायेंगी, ये तो चुनावी नतीजों के बाद ही साफ़ होगा|
उत्तर प्रदेश में पहले ही मायावती और अखिलेश का गठबंधन हो चूका है और उन दोनों ने भाजपा के साथ-साथ कांग्रेस पार्टी को भी देश और राज्य की बदहाली के लिए जिम्मेदार बताया है| पोलिटिकल पंडित भी दबी जुबान में कह रहें हैं कि अगर अखिलेश और मायावती अपना प्रचार स्ट्रेटेजी के साथ करते हैं तो यहाँ कांग्रेस और भाजपा के लिए ज्यादा कुछ नहीं बचा है|










