Home ELECTION 2019 बिहार में एनडीए जीत की ओर अग्रसर?

बिहार में एनडीए जीत की ओर अग्रसर?

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Image Credit: Asian Age

मुख्य चुनाव आयुक्त, “सुनील अरोड़ा” द्वारा ‘लोकसभा चुनाव 2019’ की तारीखों की घोषणा के साथ ही तमाम राजनितिक दल अपने गठबंधन और योद्धाओं के साथ चुनावी रणभूमि में कूद गए. बिहार का राजनितिक परिदृश्य भी स्पष्ट  हो चूका है. विधानसभा चुनाव 2015 की तरह इस बार भी सत्ता की लड़ाई दो प्रमुख ध्रुवों महागटबंधन और एन.डी.ए. के बिच में है. लेकिन इस बार महागटबंधन में राजद, कांग्रेस, आरएलएसपी, जीतन राम माझी की पार्टी “हम” और “सन ऑफ़ मल्लाह” मुकेश साहनी की नवनिर्मित पार्टी “वीआईपी” को मिलाकर कुल पांच राजिनितक दल शामिल है. वही एनडीए में बीजेपी, जदयू के साथ रामविलास पासवान की लोजपा शामिल है.

अब सवाल उठता है कि इन दो प्रमुख गठबन्धनों की ताकत क्या है? इस देखने के लिए पूर्व के तीन चुनावी परिणाम: विधानसभा चुनाव 2010, लोकसभा चुनाव 2014 और विधानसभा चुनाव 2015, पर नज़र डालना होगा.

इन तीन चुनावी परिणाम पर नज़र डालते है तो देखते है की जदयू को न्यूनतम 16.83 प्रतिशत मत और अधिकतम 22.58 मत प्राप्त हुए. वही बीजेपी को न्यूनतम 16.49 प्रतिशत मत और अधिकतम 29.86 प्रतिशत मत प्राप्त हुआ.  लोजपा को न्यूनतम 4.83 और अधिकतम 6.74 प्रतिशत मत हुआ है. इस तरह देखते है की यदि एनडीए अपना न्यूनतम प्रदर्शन करती है तो उसे 38.15 प्रतिशत मत प्राप्त होने की संभावना है, वही प्रभावी प्रदर्शन पर 59.18 प्रतिशत मत प्राप्त होने की सम्भावना है जो निसंदेह रूप से बहुत बड़ा मत संख्या है.

वही महागठबंधन के सबसे बड़ी घटक दल राजद को न्यूनतम 18.35 और अधिकतम 20.46 प्रतिशत मत प्राप्त हुआ है. वही राष्ट्रीय राजनीतिक दल कांग्रेस को न्यूनतम 6.66 और अधिकतम 8.56 मत प्राप्त हुआ. गटबंधन में नये शामिल, उपेन्द्र कुशवाहा की पार्टी ‘आरएलएसपी’ को न्यूनतम 2.56, और अधिकतम 3 प्रतिशत मत प्राप्त हुए है. वही जीतन राम माझी की पार्टी विधानसभा चुनाव 2015 बीजेपी के साथ लड़ी थी, जहाँ उन्हें 2.27 प्रतिशत मत प्राप्त हुए. वही मुकेश साहनी की पार्टी विकासशील इन्सान पार्टी(वीआईपी) ने अभी तक कोई भी चुनाव नहीं लड़ा है. अब यदि महागटबंधन के घटक दल अपना न्यूनतम प्रदर्शन करते है 29.84 प्रतिशत मत प्राप्त होंगे. वही सर्वश्रेष्ट प्रदर्शन पर अधिकतम 34.29 प्रतिशत मत प्राप्त होंगे, जो एनडीए के न्यूनतम प्रदर्शन 38.15 से काफी कम है.

यदि महागठबंधन अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन 34.29 मत प्राप्त करे और उसमे मुकेश साहनी के जातीय अनुपात 5 प्रतिशत को जोड़ा जाये तो भी वह एनडीए के न्यूनतम के प्रदर्शन के करीब आ पाता है. जिसके कयास ही लगाये जा सकते है. दोनों गटबंधन के न्यूनतम और अधिकतम प्रदर्शन में प्राप्त ‘वोट शेयर’ के अंतर 8.09%(न्यूनतम) और 24.92%(अधिकतम) के आधार पर यह कहा जा सकता है की बिहार में एनडीए एक बड़ी जीत की ओर अग्रसर है. अब जीत कितना बड़ा या छोटा होगा यह महागठबंधन के प्रदर्शन पर निर्भर करेगा.