ऐसा कहा जाता है कि योग करने से मनुष्य का मन और शरीर दोनों स्वस्थ्य रहता है | साथ ही लगातार योग करने से मानव अनेक विकारों पर विजयी प्राप्त कर सकता है, जिसमे एक गुस्सा भी प्रमुख हैं | हिन्दू धर्म के प्रचारक और दार्शनिक स्वामी विवेकानंद लगातार मनुष्य को योग से गुस्से पर नियंत्रण का उपाय सुझाते हैं| किन्तु, योग से मशहुर हुए बाबा रामदेव शायद अपने गुस्से पर नियन्त्र नहीं कर पाए और उनके कोप का भागी एक मशहुर पत्रकार पुण्य प्रसुन्न वाजपेयी को होना पड़ा है|
इलेक्ट्रोनिक मीडिया आज तक के एक प्रोग्राम में पुण्य प्रसुन्न वाजपेयी ने रामदेव से कुछ कठिन सवाल पूछे, जो टैक्स, ट्रस्ट और स्वराज से जुड़ा था और इसकी प्रतिक्रिया को देश के विकास से जोड़ कर बताना था| इस सवाल से लाइव प्रसारित कार्यक्रम के दौरान रामदेव गुस्से से आग-बबूला हो गए | ऐसा बताया जाता है कि रामदेव ने इसकी शिकायत आजतक के बड़े अधिकारियों से की और पतंजलि से जुड़े विज्ञापन को वापस लेने की धमकी दे डाली| यहाँ बता दे कि बाबा रामदेव पतंजलि नाम से अपने उत्पाद बचतें हैं और आजकल पतंजलि का विज्ञापन लगभग हर छोटे-बड़े मीडिया के कार्यक्रम के दौरान दिखता है|
खैर, ऐसी खबर है कि आजतक के चैनल प्रबंधन ने रामदेव की शिकयत मिलने के बाद, पुण्य प्रसुन्न वाजपेयी पड़ दबाव बढाया और उनके द्वारा प्रस्तुत किया जाने वाला कार्यकर्म दस्तक की समय कटौती कर दी| इस दौरान वाजपेयी काफी दबाव से गुजरे और अंततः उन्होंने आजतक को अपना इस्तीफा सौंप दिया| हालांकि इन खबरों का अभी तक औपचारिक पुष्टि होना बाकि है| दूसरी और खबर यह भी है कि पुण्य प्रसुन्न वाजपेयी जल्दी ही एबीपी न्यूज पर दिखेंगे|
आजतक पर प्रसारित कार्यक्रम यहाँ देखा जा सकता है-
इस विवाद से यह बात तो साबित हो चूका है कि कैसे विज्ञापन पर बढती निर्भरता और कॉर्पोरेट के मीडिया में दखल के बाद पत्रकारों के लिए कठिन और तार्किक सवाल पूछना मुश्किल हो रहा है| अगर इसका जवाब जल्द नहीं खोजा गया तो लोकतंत्र के इस मजबूत खम्बे पर और भी मुश्किल बढ़ेगी|










